अभाविप-जेएनयू के कार्यकर्ताओं ने 25 अक्टूबर को साबरमती ढाबा में 5:30 बजे डीएमके और तमिल–नाडू सरकार के प्रति विरोध के रूप में भारतीय राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के अपमान की घटना के बाद प्रदर्शन किया। यह घटना तमिलनाडु पुलिस के द्वारा भारतीय झंडे के अपमान की है, अभाविप-जेएनयू के कार्यकर्ताओं ने इस घटना के खिलाफ जोरदार आवाज़ उठाई और इस राष्ट्रविरोधी कार्य के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है।
‘देश से माफी मांगे तमिलनाडु सरकार’, एबीवीपी ने किया प्रदर्शन, मैच के दौरान तिरंगा का हुआ था अपमान
अभाविप-जेएनयू के छात्रों ने साबरमती ढाबा पर राष्ट्रविरोधी तमिल–नाडू के डीएमके सरकार के खिलाफ दुर्भाग्यपूर्ण घटना के खिलाफ प्रदर्शन किया और उन्होंने अंतकालिक डीएमके सरकार के प्रति आपत्ति व्यक्त करते हुए आक्रोश जताया। अभाविप कार्यकर्ताओं ने डीएमके सरकार के खिलाफ दुर्वदन के प्रति अपनी आक्रोश और आपत्ति व्यक्त की। भारत विरोधी डीएमके सरकार के प्रति अपनी चिंता और आपत्ति को दिखाने के लिए डीएमके सरकार की पुतला का दहन भी किया। मौके पर लगभग सैकड़ों छात्र एवं कार्यकर्ता मौजूद थे।
अभाविप-जेएनयू के अध्यक्ष उमेश चंद्र अजमीरा ने कहा, “यह घातक है कि हमारे राष्ट्रीय ध्वज को अपमानित किया जा रहा है और सरकार इस पर चुप बैठी है। हम इस स्थिति के खिलाफ खड़े हो रहे हैं और डीएमके सरकार को इसके लिए उत्तरदायी बनाने का आवाज उठा रहे हैं।”
वहीं मौके पर मौजूद अभाविप जेएनयू के इकाई मंत्री विकास पटेल ने कहा, “अभाविप-जेएनयू इस घटना के खिलाफ सख्त रूप से विरोध करते हुए खडा है और हम इस घिनौने कृत्य के खिलाफ न्याय की मांग करते हैं।”
बता दें कि पाकिस्तान- अफगानिस्तान के बीच 23 अक्टूबर को मैच खेला गया था। इस दौरान एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि एक पुलिसकर्मी दर्शक से तिरंगा छीन रहा है पुलिसकर्मी पर आरोप है कि उसने तिरंगा का अपमान किया और फैन को स्टेडियम में देश का झंडा ले जाने से रोक दिया एवं उससे झंडा छीन लिया गया इसके बाद इसके विरोध में अलग-अलग तरह से लोग प्रदर्शन कर रहे हैं।



